State Bank of Mysore

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ग्राहक अलर्ट  

ग्राहक अलर्ट -सुरक्षित बैंकिंग दिशानिर्देश

स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, हमारे साथ आपकी बैंकिंग को एक अद्भुत अनुभव बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आपके खाते की सुरक्षा और संरक्षण को बढ़ाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में कई उपाय अपनाए गए है। हमारे बैंक के सुरक्षित बैंकिंग दिशा निर्देशों ने सरल चरण बनाए है जिससे आप यह सुनिश्चित कर सकते है कि आपके पैसे और आपकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित और संरक्षित है।चाहे यह ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा के बारे में हो या पारंपरिक बैंकिंग सुरक्षा खतरों के बारे में,  आप सूचित रहे, अपने खातों को सुरक्षित रखने के बारे में जाने।

कपटपूर्ण ई मेल से सावधान रहें

प्रिय ग्राहक, हम यह आपके ध्यान में लाते है कि ग्राहकों को कुछ ऐसे ई-मेल प्राप्त हो सकते है जो हमारे बैंक द्वारा भेजे गए प्रतीत होते है, जिनमें उन्हें एक ई मेल लिंक पर क्लिक करके या एक वेबसाइट पर जाकर अपना यूजर आईडी, पासवर्ड, डेबिट कार्ड नंबर, क्रेडिट कार्ड नंबर, खाता संख्या जैसी खाते की संवेदनशील जानकारी अद्यतन करने की सलाह दी जाती है।

इस संबंध में, हम सावधान करते है कि स्टेट बैंक ऑफ मैसूर अपने ग्राहकों से किसी भी रूप में इस तरह की जानकारी की की मांग नही करता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में यह जानकारी किसी के साथ साझा न करें। आप इस संबंध में मार्गदर्शन के लिए आपके खाते वाली शाखा के अधिकृत अधिकारियों से संपर्क कर सकते है। कृपया संदिग्ध ईमेल की रिपोर्ट हमारे बैंक के ई-मेल आईडी This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it को करें।

 

ग्राहक शिक्षा - उपयोगी लिंक्स

  • फिशिंग के बारे में भारतीय बैंक संघ का पत्र
  • फिशिंग क्या है?
  • ईमेल के प्रयोग पर सुरक्षा उपाय
  • अपमे पिन और पासवर्ड को सुरक्षित कैसे रखे ?
  • इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करते समय सुरक्षा उपाय
  • एटीएम / डेबिट कार्ड सुरक्षा
  • नकली कार्ड और स्किमिंग रोकथाम

 

स्टेट बैंक ऑफ मैसूर की आपके निकटतम शाखा से संपर्क करें या

उप महाप्रबंधक

सूचना प्रौद्योगिकी सेवा विभाग

स्टेट बैंक ऑफ मैसूर

प्र.का.: के.जी. रोड, बंगलूर- 560254, भारत

फोन: 91 80 22353901

फैक्स: 91 80 22283684

फिशिंग के बारे में भारतीय बैंक संघ का पत्र

यह हमारे ध्यान में आया है कि कुछ धोखेबाज भोलेभाले बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए उनके पासवर्ड एवं अन्य जानकारी साझा करने के लिए भारतीय बैंक संघ के

नाम से फ़िशिंग संदेश भेज रहे हैं। नीचे लिखे संदेश को पढे-

 

"भारतीय बैंक संघ ऑनलाइन खरीदी के लिए अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा आपके एटीएम कार्ड का उपयोग करने से रोकने में मदद करते हुए ऑनलाइन खरीद के लिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करता है । आप अपनी स्वयं की पहचान के लिए, नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और सरल चरणों का अनुसरण करें

http://www.iba.org.in/startpage.asp"

 

इस बात पर ध्यान देना होगा कि जबकि हमारे वेबसाइट का पता www.iba.org.in है, उन शरारती विक्रेताओं ने आईबीए वेबसाइट के हमारे मुख्य पृष्ठ के समान ही एक खाका बनाया है।

हम सभी ग्राहकों से अनुरोध करते है कि कृपया कथित रुप से आईबीए द्वारा भेजे गए प्रतीत होने वाले ऐसे संदेशों के प्रति अत्यधिक सावधानी रखे तथा किसी भी परिस्थिति में अपने पासवर्ड/आईडी को साझा न करे।

 

स्थान: मुंबई

दिनांक: 6 जुलाई 2009

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

फिशिंग क्या है? 

 

फिशिंग किसी उपयोगकर्ता को ई-मेल भेजने का एक ऐसा कार्य है जिसमें किसी स्थापित वैध उद्यम होने का का झुठा दावा करते हुए उपयोगकर्ता को धोखा देकर उसकी नीजी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है जिसका प्रयोग पहचान चोरी के लिए किया जाएगा। वह ई-मेल उपयोगकर्ता को एक वेब साइट पर जाने के लिए निर्देश देता है जहाँ उनसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड, सामाजिक सुरक्षा, और बैंक खाता नंबर को अपडेट करने के लिए कहा जाता है, जो कि वैध संगठन के पास पहले से उपलब्ध है। वेब साइट, हालांकि, फर्जी होती है और ये उपयोगकर्ता की जानकारी चोरी करने के लिए ही बनाई जाती है।

 

उदाहरण के लिए, साल 2003 ने फ़िशिंग घोटालो के प्रसार को देखा था जिसमें उपयोगकर्ताओं को ई-मेल प्राप्त हुए जो मानो ईबे द्वारा भेजे गए थे जिसमें यह दावा किया गया कि उपयोगकर्ता का खाता निलंबित कर दिया जाएगा जब तक कि वह दिए गए लिंक पर क्लिक करके क्रेडिट कार्ड की जानकारी को अपडेट नही करता जोकि वास्तविक ईबे के पास पहले से ही उपलब्ध थी।

क्योंकि एचटीएमएल कोड की नकल द्वारा एक वैध संगठन की वेब साइट के समान दिखने वाली वेब साइट बनाना अपेक्षाकृत आसान है, इस स्केम में बहुत सारे लोग यह सोचकर फंस गए कि वास्तव में  ईबे द्वारा उनसे संपर्क किया जा रहा है तथा उसके बाद वे ईबे की साइट पर अपने खाते की जानकारी अपडेट करने के लिए जा रहे थे। स्पैमिंग के द्वारा “फिशर”, लोगों के बड़े समूह के ई-मेल पर संदेश भेजते है जिन्हे उन कुछ प्रतिशत लोगो द्वारा पढ़ा जा रहा था जो वास्तव में वैध तरीके से ईबे के साथ क्रेडिट कार्ड नंबर पहले से ही सूचीबद्ध कर चुके थे।

फिशिंग,  ब्रांड स्पूफिंग या कार्डिंग के रुप में भी संदर्भित किया जाता है, “मछली पकडने (फिशिंग)” का एक परिवर्तित रुप है, जिसमें विचार यह है कि चारा इस उम्मीद के साथ बाहर फेंका जाता है कि जब अधिकतर चारे को नजरांदाज करेंगे, कुछ इसे खाने के लिए ललचाएंगे।

 

फिशिंग की आम पद्धति 

• ग्राहक को एक वैध लगने वाले इंटरनेट पते से एक फर्जी ई मेल प्राप्त होता है

• ईमेल मेल में प्रदान किए गए एक हाइपरलिंक पर क्लिक करने के लिए ग्राहक को आमंत्रित करता है

• हाइपरलिंक पर क्लिक करने पर यह ग्राहक को एक नकली वेबसाइट पर ले जाता है जो वास्तविक साइट के समान लगती है।

• आमतौर पर ईमेल अनुपालन पर एक इनाम का वादा करता है या एक गैर अनुपालन पर एक संभावित जुर्माने की चेतावनी देता है

• ग्राहक से उसकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पासवर्ड तथा क्रेडिट कार्ड और खाता संख्या आदि को अद्यतन करने के बारे कहा जाता है

ग्राहक अच्छे विश्वास में व्यक्तिगत जानकारी प्रदान करता है। ’सबमिट’  बटन पर क्लिक करता है।

• उसके सामने एक त्रुटि पृष्ठ (एरर पेज) प्रदर्शित हो जाता है।

इस प्रकार ग्राहक फ़िशिंग प्रयास का शिकार हो जाता हैं 

फिशिंग हमले से अपने आप को कैसे बचाए ?

• किसी अनपेक्षित स्रोत से ई-मेल के माध्यम से आने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। इसमें दुर्भावनापूर्ण कोड हो सकते हैं या 'फिश' करने का प्रयास हो सकता है।

• यदि आपको एक ऐसा ई-मेल प्राप्त होता है जो कि आपको लगता है कि एक फिशिंग प्रयास है, तो उसका उत्तर न दे या लिंक पर क्लिक न करें या आपकी व्यक्तिगत जानकारी प्रदान नहीं करे।

• एक पॉप अप विंडो के रूप में आए हुए पृष्ठ पर कोई भी जानकारी प्रदान नहीं करे।

• फोन पर या ई-मेल पर एक अवांछित अनुरोध के जवाब में अपना पासवर्ड प्रदान न करें।

 

पासवर्ड, पिन, टिन, आदि पूरी तरह से गोपनीय हैं और यहां तक ​​कि बैंक के कर्मचारियों / सेवा कर्मियों को भी पता नही होते है। इसलिए आपको इस प्रकार की जानकारी का खुलासा यहां तक की पूछने पर भी कभी नही करना चाहिए।

यदि आपने गलती से पासवर्ड/ पिन/ टिन आदि प्रकट कर दिया है, तो क्या करें:

यदि आपको लगता है कि आप फिशिंग का शिकार हो गए है या आपने उस जगह पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध कराई है जहाँ आपको नही करानी चाहिए थी, तो कृपया निम्नलिखित का नुकसान कम करने के उपाय के रुप में तुरंत पालन किया जाय-

• अपना पासवर्ड तुरंत बदलें। यदि आप अन्य साइटों पर भी वही पासवर्ड का उपयोग करते हैं, तो हम आपको वहा पर भी, अपना पासवर्ड बदलने की सलाह देते हैं।

This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it को एक ईमेल भेज कर बैंक को रिपोर्ट करे।

• अपने खाते के विवरण की जाँच करें और यह सुनिश्चित करे कि वह हर मामले में सही है। यदि वहाँ पर कोई भी गलत प्रविष्टियां हैं तो तुरंत शाखा से संपर्क करे।

 

  

 

सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग के लिए सलाह 

  1. आप अपने इंटरनेट बैंकिंग खाते को किसी "साईबर केफे" अथवा "शेयरड कंप्यूटर" से प्रवेश नहीं करें।  फिर भी, यदि आप ऐसा कर रहे हैं तो आप अपने स्वयं के कंप्यूटर से अपना पॉसवर्ड बदलें।

 

  1. आप अपने "ऑन लाईन बैंकिंग" सत्र हर बार समाप्त करते समय, "onlinesbm.com" से "लॉग ऑफ" करे। अपने ब्राउजर को सीधे बंद न करे।

 

  1. स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के इंटरनेट बैंकिंग में प्रवेश करने हेतु, आपके ब्राउजर विण्डो में हमेशा सही "यूआरएल" (http://www.onlinesbm.com/) टाईप करें।  हमारे वेबसाईट से संपर्क कराने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।

 

  1. सुरक्षित वेबसाईट के "साईन-इन" पृष्ठ पर यदि आपका "लॉग-इन आई डी" अथवा "पासवर्ड" स्वतः ही नजर आये तो आपकी सूचनाओं की सुरक्षा को बढाने हेतु आप "ऑटो कंप्लीट" फंक्शन को निष्क्रिय करे। 
    "ऑटो कंप्लीट" फंक्शन को निष्क्रिय बनाने हेतु :
    1.    इंटरनेट एक्सप्लोरर" खोलें और "टूल्स" > "इंटरनेट आप्शन्स" > "कंटेंट" पर क्लिक    करेंगे।
    2.    "पर्सनल इन्फर्मेशन" के अंतर्गत "ऑटो कंप्लीट" पर क्लिक करें।   
    3.    यूसर नेम्स अण्ड पासवर्ड्स ऑन फार्म्स" अपरीक्षित करें और "क्लियर पॉसवर्ड्स" क्लिक करें।
    4.    "ओके" क्लिक करें।

  2. पहली बार लॉग-इन करने के बाद आपका इंटरनेट बैंकिंग पॉसवर्ड (लॉग-इन पासवर्ड और ट्रान्जेक्शन पॉसवर्ड दोनों) बदल दें और इसके उपरांत नियमित रुप से बदलते रहें (कम से कम महीने में एक बार)।

  3. आपका पॉसवर्ड जटिल होना चाहिए और दूसरों द्वारा अनुमान लगाने के लिए मुश्किल होना चाहिए।  आपके पासवर्ड में अक्षर, संख्या और विशेष लिपिचिन्ह [जैसे !, @, #, $, %, ^, &, *, (, )] का प्रयोग करे ।

 

  1. इंटरनेट बैंकिंग द्वारा वित्तीय लेनदेन को अतिरिक्त सुरक्षा हेतु लॉग-इन के लिए और लेनदेन के लिए अलग अलग पॉसवर्ड़ बनाए और उनका अनुरक्षण करें।

 

  1. अपना इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी से भी साझा न करे, यहाँ तक कि आपके परिवारजनों से भी नही। उन्हे किसी को भी न बताए, यहाँ तक कि बैंक कर्मचारियों को भी नही। 

  2. आपके इंटरनेट बैंकिंग खाते में हमेशा अंतिम लॉग-इन और अंतिम लेनदेन की जाँच करते रहे।  onlinesbm.com को लॉग-इन करें और बायीं ओर आपके अंतिम लॉग-इन का दिनांक, समय और आपका अंतिम लेनेदेन देखें।

एटीएम और डेबिट कार्ड के लिए सुरक्षा सलाह

कभी भी एटीएम लेनदेन करते समय आप निम्नलिखित प्रमुख एटीएम और डेबिट कार्ड की सुरक्षा सलाहों को अवश्य याद रखें।

  1. आपके चारों ओर ध्यान दें। यदि आप रात के समय अथवा एकान्त स्थान पर स्थित एटीएम में जा रहे हैं तो अपने किसी मित्र को साथ में ले जाने के बारे में विचार करें।

 

  1. गाडी को एटीएम के पास प्रकाशमान जगह पर पार्क कीजिए और एटीएम पहुंचने तक लेनदेन के लिए तैयार रहिए।  प्रवेश द्वारा से युक्त एटीएम सुविधा में प्रवेश करने पर प्रवेश द्वार को पूर्ण रुप से बंद कीजिए।  सामान्य बैंकिंग समय के बाद एटीएम सुविधा के अंदर, किसी भी अपरिचित व्यक्ति(यों) को आपके साथ अन्दर न आने दे।

 

  1. यदि आपको कुछ संदेहास्पद चीज नजर आये अथवा आप असुविधा महसूस करे, तो अपना लेनेदेन रद्द करे और एटीएम से तुरंत बाहर निकल आइये।  वहाँ के सभी अपराधों की स्वचालित टेलर मशीन (एटीएम) के परिचालक अथवा स्थानीय विधि प्रवर्तनकर्ता को रिपोर्ट करें।

  2. जब एक एटीएम अथवा पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) टर्मिनल का उपयोग करते समय, आपके "पिन" संख्या प्रविष्टि करते समय "की पैड" को ढक दे । जहाँ तक संभव हो आपके शरीर को ढाल के रुप में प्रयोग करे।

 

  1. नकदी को तुरंत आपके हैण्डबैग अथवा पाकेट में डाल दे।  आपके घर पहुँचने तक या कार में बैठकर सुरक्षित रुप से गिनती करें।

 

  1. आपके लेनदेन पर्ची को साथ में ले जायें। इसे एटीएम पर न छोडें।

  2. खरीदी हेतु अपने डेबिट कार्ड का उपयोग करते समय, हस्ताक्षर करने से पहले बिक्री पर्ची का पुनरीक्षण करें और जाँच करें कि सही राशि भरी गयी है।  कभी भी कोरी पर्ची पर हस्ताक्षर न करें।

 

  1. 8. यह सुनिश्चित करें कि लेनेदेन समाप्ति के पश्चात व्यापारी आपके कार्ड को लौटाता है।

  2. आपकी "पिन" संख्या याद रखें। आपके कार्ड पर "पिन" संख्या कभी न लिखें और आपकी "पिन" संख्या को किसी और को न बतायें।  बैंक आपसे कभी इसके बारे में में नहीं पूछेगा।

  3. आपके डेबिट कार्ड को भी उसी प्रकार सुरक्षित रखे जैसे आप नकद, चैक अथवा क्रेडिट कार्ड को रखते है।  कार्ड खो जाने पर या चोरी हो जाने पर तत्काल रिपोर्ट करें।

 

इन सभी सलाहों का, डेबिट या एटीएम कार्ड उपयोग करते समय अनुपालन करें, यह सुनिश्चित करें कि आप उन्हें सुरक्षित रखते हैं और धोखाधडी के शिकार न बनने के लिए आप वह सब कुछ कर रहे हैं जो आप कर सकते है।

     
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