State Bank of Mysore

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इतिहास

इतिहास
सर एम.विश्वेश्वरय्या के नेतृत्व में वर्ष 1913 में, मैसूर के महाराजा, श्री श्री कृष्णराज वडेयर IV, के आश्रय में मैसूर बैंक लिमिटेड नामक राज्य सहायता प्राप्त बैंक स्थापित हुआ।

वर्ष 1953 में, मैसूर बैंक को सरकारी व्यवसाय और ट्रजरी परिचालनार्थ भारतीय रिजर्व बैंक के एजेंट के रूप में नामित किया गया जो वर्ष 1960 में, भारतीय स्टेट बैंक (अनुषंगी बैंक) अधिनियम 1959, के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक के सहवर्ती बैंक के रूप परिवर्तित हुआ।  आज यह स्टेट बैंक समूह के अंतर्गत सहवर्ती बैंक के रूप में कार्य कर रहा है।

बैंक, निरंतर प्रगति कर रहा है, आरंभ से आज तक लगातार निरंतर लाभ अर्जित करते आ रहा है।  यह मैसूर बैंक के नाम से जाना जाता है और अपने समस्त ग्राहकों को अच्छी सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है।  ग्राहकों के प्रति हमारी प्रतिबद्ध सेवा के कारण ही, हमें मैसूर बैंक की पहचाना प्राप्त हुई है।
आज के स्पर्धात्मक बैंकिंग और तकनीकी परिवेश में हमारे ग्राहकों को अच्छी सेवा देने के जरिए राष्ट्र के सेवा में हम अपने आपको पुनर सर्पित करते हैं।

founder

भारत रत्न विश्वेश्वरय्या

अच्छी सेवा के लिए आपको कुछ देना होगा, जो न तो पैसों से खरीदा जा सकता है, नाही मापा जा सकता है।  

- सर एम.विश्वेश्वरय्या

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 Maharaja Krishnaraja Wodeyar IV
Sir M Visvesvaraya
Old Mysore Bank Ltd Building
Chief Managers Office
Board Room
State Bank of Mysore
Renovated SBM Building
SBM Head Office
 
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