State Bank of Mysore

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वित्तीय विवरणिका

31 मार्च 2011 को समाप्त वर्ष के  वित्तीय परिणामों की विशेषताएँ

29 अप्रैल 2011 को दिल्ली में आयोजित बैठक  में स्टेट बैंक  ऑफ  मैसूर के  निदेशक  मंडल ने 31 मार्च 2011 को समाप्त वर्ष के  लिए वित्तीय परिणाम अनुमोदित किया है।  निष्पादनों और कार्य परिणामों की विशेषताएँ इस प्रकार हैं :

2. निवल लाभ
बैंक  का `निवल लाभ`, गत वर्ष के  ` 445.77 करोड से ` 500.62 करोड तक  वृद्धित हुआ है जिसमें ` 54.85 (12.30%) करोड की वृद्धि दर्ज हुई।   निवल लाभ क्रमिक रूप से (तीसरी तिमाही से चाथी तिमाही तक) वृद्धित हुई तिमाही दर तिमाही पर निवल लाभ वृद्धि की प्रतिशतता 32% से ऊपर है।  और आस्ति आवृत्ति प्रावधान अनुपात वृद्धित होने के कारण वर्षानुवर्ष वृद्धि (12.30%) निम्न रही।   

बैंक बोर्ड ने वृद्धित पूंजी आधार पर वर्ष 2010-11 के लिए लाभांश दर 100% को बनाये रखा है जिसका भुगतान अनुपात गत वर्ष के 8.08% की तुलना में 9.35% होता है।

3. परिचालनीय लाभ
परिचालनीय लाभ, दिनांक  31 मार्च 2010 के  ` 937.40 करोड से दिनांक  31 मार्च 2011 को ` 1173.75 करोड तक  वृद्धित हुआ जिसमें पिछले वर्ष से 25% अधिक वृद्धि दर्ज हुई।  `  399.45 करोड का निवल ब्याज आय (` 1236.55 करोड से `  1636 करोड, 32% बढोत्तरी) के कारण परिचालनीय लाभ वृद्धित हुआ।  (परिचालनीय लाभ ` 290.91 करोड से ` 304.22 करोड तिमाही दर तिमाही आधार पर बढोत्तरी देखी गयी)।

ब्याज आय, वर्षानुवर्ष 14.62% के  हिसाब से वृद्धित हुई है।  हमने वर्ष के  दौरान, निम्न लागत चालू और बचत जमा खाताओं को वृद्धित करते हुए 5.20% तक  ब्याज व्यय को घटा पाये हैं।  उत्पादन और पेंशन के उच्च प्रावधान से स्टॉफ व्यय बढा जिससे परिचालन व्यय में 26% अधिक वृद्धि हुई।  उच्चतर उपदान भुगतान के लिए संसद द्वारा अनुमोदित किए जाने और औद्योगिक स्तर पर वेतन समझौता होने से उसके अनुसार एक और पेंशन विकल्प दिये जाने से अतिरिक्त दायित्व के लिए प्रावधान करना पडा।

4 .प्रमुख वित्तीय विवरण
  • आस्ति प्रतिलाभ में 1.03% स्वस्थकर स्थिति में रहा जबकि ईक्विटी प्रतिलाभ 16.17% रहा।
  • बैंक  की निवल संपत्ति `  2070.44 करोड से ` 3096.50 करोड तक बढी जिसमें 49% की वृद्धि हुई।
  • दिनांक  31 मार्च 2008 से बैंक  बासल- II मानदण्डों का अनुपालन कर रहा है और बासल- II के  अंतर्गत जोखिम भारित परिसंपत्ति की तुलना में पूँजी का अनुपात नियामक  मानदण्ड 9% के  प्रति 13.76% रहा।  मुख्य जोखिम भारित परिसंपत्ति 9.78% रही।
  • प्रति शेयर अर्जन ` 110.07 से ` 121.66 तक  वृद्धित हुआ।
  • शेयर बही मूल्य (मुख मूल्य ` 10/-) में ` 576 से ` 662 तक  सुधार हुआ।
  • प्रति कर्मचारी कारोबार मार्च 2010 के  ` 680 लाख से मार्च 2011 तक  ` 782 तक  वृद्धित हुआ है।
  • निवल ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 2.47% से 3.19% तक  वृद्धित हुआ है।
  • जमा लागत 3.19% से 3.71% तक  वृद्धित हुआ।
  • 'कासा' का हिस्सा 31.06% से 33.97% वृद्धित होने से जमा लागत 6.01% से 5.56% तक घटा।
  • अग्रिम उगाही 10.24% से 10.33% तक वृद्धित हुआ।

 5. जमारशियाँ
कुल जमारशियाँ मार्च 2010 के  ` 38,880 करोड से मार्च 2011 तक  ` 43,225 वृद्धित हुई जिसमें 11% वृद्धि (` 4345 करोड) दर्ज हुई है।  हमारा ध्यान पूरा 'कासा' जमा पर रहा जिसमें 21% की वृद्धि हुई।  थोक जमा वृद्धि पर बैंक का प्रतिबंध जारी रहा।

6. अग्रिम
बैंक  का कुल अग्रिम, पिछले वर्ष से 15% की वृद्धि के  साथ मार्च 2011 में ` 34442 करोड तक  बढा।  बैंक ने सूक्ष्म/लघु उद्यम, कृषि और अन्य क्षेत्र को शामिलकर छोटे ऋणों पर अधिक ध्यान दिया जिसमें 23% की वर्षानुवर्ष वृद्धि दर्ज हुई।  प्राथमिकता प्राप्त के अग्रिम में 28% की वर्षानुवर्ष वृद्धि हुई और सूक्ष्म व लघु उद्यम में 47% की वृद्धि हुई।  वैयक्तिक  खंड के  अंतर्गत, आवासीय ऋण ` 386 करोड से अधिक  वृद्धित हुआ, वाहन ऋण में ` 57 करोड से अधिक  वृद्धि दर्ज हुई।  बैंक  ने ` 3658 करोड से अधिक  सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्षेत्र को और कृषि के  लिए ` 5378 करोड, आवास के लिए `  2981 करोड और शिक्षा के  लिए ` 560 करोड वित्तीयन दिया है।  31 मार्च 2011 तक  ऋण जमा अनुपात 80.51% रहा।  बैंक ने प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया है।
7.  कृषि वित्तीयन
कृषि वित्तीयन को उच्च प्राथमिक ता देना जारी रहा जिसे ` 4153 करोडों का वित्तीयन दिया गया जो राज्य में बैंक कुल अग्रिम का 26.26% होता है।  बैंक  द्वारा भारत सरकार का कृ षि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 कार्यान्वित किया है।  भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के  अनुसार, ऋण राहत योजना के  अधीन पात्र किसानों को दिनांक  30 जून 2011 तक  अपना बकाया ऋण को निपटाने हेतु एक  अवसर दिया है।  एक  बारगी निपटान के  भीतर एक  बारगी निपटान योजना, किसानों की सहायता और विस्तृत ऋण राहत योजना जो फिलहाल जारी में है, के  अंतर्गत सुविधा का लाभ उठाने में मदद करता है।  बैंक ने वर्ष के दौरान 25 एकड भूधारण के छोटे ग्रोवर की सहायता के लिए काफी पैकेज को कार्यान्वित किया है।

वर्ष के दौरान, बैंक ने कृषि कल्यान (मैबैंक रैथ मित्रा) जैसे नयी ऋण योजना को कार्यान्वित किया है।  कृषि कल्यान योजना एक साथ फसल ऋण और उत्पाद ऋण को उपलब्ध कराता है ताकि किसान गडबढी में कम दाम पर अपना उत्पाद न बेच सके।

8. अन्य नयी योजनाएँ/आरंभित उत्पाद
ए. स्वर्ण सिक्कों की बिक्री
बैंक ने हालही में स्वर्ण सिक्कों की बिक्री आरंभ किया है ताकि आम जनता अपनी क्षमता के अनुसार सोने को खरीद सके।  स्वर्ण सिक्के प्रमाणिकरण में आसानी हो टेंपर प्रूफ से देखा जा सकता है जो 999.9 शुद्धता के है और 2, 4, 5, 8, 10, 20 & 50 ग्राम में उपलब्ध है।  ग्राहक और ग्राहकेतर दोनो खरीद सकते हैं।  वर्ष के दौरान बैंक ने 500 किलो सोना बचेने की योजना बनाई है।

बी. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र
क्षेत्र के परिवर्तनीय आर्थिक  आवश्यकता को संभालने हेतु सभी वर्तमान उत्पादों और योजनाओं को जारी रखते हुए, बैंक  ने वर्ष के  दौरान अनेक नयी योजनाओं को अर्थात मै बैंक एसएमई वेलकम, दालमिल प्लस, एसबीएम डाक्टर प्लस और एसएमई शाप को जारी किया है।  बैंक ने प्रतिष्ठित ट्रक कंपनी के साथ समजौता किया है ताकि परिवहन परिचालकों को और किसानों को बिना कोई तकलीफ ऋण प्राप्त हो सके।  सूक्ष्म क्षेत्र संपार्श्विकी रहित ऋण, किसी संपार्श्विकी के बिना या तीसरी पार्टी गारंटी की बीना ` 10.00 लाख तक ऋण उपलब्ध कराता है।  (` 5 लाखों से वृद्धित किया है।)

9. पुरस्कार
पुरस्कार - स्व-सहायता समूह को वित्तीयन
चालू वर्ष के  दौरान बैंक  ने 16918 समूहों को ` 303 करोडों का अग्रिम दिया और उनके साथ ऋण संपर्क  स्थपित किया है और ऐसे ऋण संपर्क  कार्यक्रम के  संचयी कुल दिनांक  31 मार्च 2011 तक  ` 1200 करोड का वित्तीयन 1,32,958 समूह को दिया है।  बैंक  के  इन प्रयासों को पहचाना गया है और बैंक  को वर्ष 2009-10 के  लिए स्व-स्वहायता समूह बैंक  संपर्क  कार्यक्रम के  अंतर्गत वाणिज्यिक  बैंकों के  लिए राष्ट्रीय बैंक  द्वारा स्थापित `प्रथम उत्कृष्ट बैंक  पुरस्कार` प्रदान किया गया है।  बैंक  मार्च 2000 से निरंतर प्रथम या द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करता आ रहा है।  कर्नाटक  राज्य में वाणिज्यिक  बैंकों की शाखाओं में से स्व-सहायता समूह वित्तीयन में उत्कृष्ट निष्पादन  के  लिए हमारे बैंक  की मलवल्ली शाखा को चुना गया है।

10. अनर्जक  परिसंपत्ति प्रबंधन
मार्च 2011 तक  सकल अनर्जक  परिसंपत्ति अनुपात 2.51% रहा और निवल अनर्जक  परिसंपत्ति अनुपात 1.38% रहा।  विवेक पूर्ण बट्टे खाते में डालनेवाले को शामिलकर अनर्जक  परिसंपत्ति व्याप्ति अनुपात 67.60% रहा।

11. प्रौद्योगिकी
दिनांक  1 जनवरी 2006 से बैंक , पूर्ण रुप से कोर बैंकिंग मंच पर कार्य कर रहा है।  साफ्टवेयर, एनिवेर बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम, रीयल टाईम ग्रास सेट्लमेण्ट, नेशनल इलेक्ट्रनिक  फण्ड्स ट्रान्सफर एसबीजीआपीटी (स्टेट बैंक समूह के भीतर) आदि के  लिए अनुकूलकर है।  

आटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) : वर्ष के  दौरान बैंक  ने 127 नये एटीएम लगाये हैं जिससे बैंक  के  कुल एटीएम की संख्या 735 हो गयी जिनमें से 629 कर्नाटक  राज्य में हैं।  हमारे एटीएम, स्टेट बैंक  समूह के  25,060 से अधिक  शक्तिशाली एटीएम कार्यजाल जुडे हुए हैं।  दिनांक  31 मार्च 2011 तक  कार्डधारकों की संख्या 19.47 लाख पार कर चुकी है।  कागजरहित ऑन-लाईन एटीएम ग्राहक  शिकायतों की रिपोर्टिंग और निवारण के  लिए, एटीएम ग्राहक  शिकायतों पर, भारतीय रिजर्व बैंक  के  निदेशानुसार, एटीएम लेनदेन से संबंधित ग्राहकों की शिकायतों की प्राप्ति और निपटारे के  बीच के  समय को कम करने के  लिए बैंक के `इन्ट्रानेट` आरंभ किया है।

 

12. शाखा विस्तरण
बैंक  ने, वर्ष के  दौरान, 17 सामान्य बैंकिंग शाखाओं को और एक  नकद प्रबंधन शाखा को आरंभ किया है।  दिनांक  31 मार्च 2011 तक  हमारे बैंक  की शाखाजाल 707 हो गयीं हैं।  इनमें 571 शाखाओं कर्नाटक में हैं।
13. वित्तीय समावेशन
बैंक ने वर्ष 2001 के जनसंख्या के आधार पर 2000 से अधिक जनसंख्यावाले 261 गांवों में वित्तीयन समावेशन की जिम्मेदारी ली है, जिनमें कर्नाटक राज्य के 247 गांव और तामिल नाडु के 14 गांव शामिल हैं।  हमने आज तक 133 गांवों को आवृत्त किया है।  इनमें कर्नाटक राज्य के चामराजनगर जिले के 118 गांव शामिल हैं और ब्यूजिनेस करेसपांडेंट माडेल की सहायता से 69000 शाखाओं का खोला है।

स्मार्ट कार्ड
शाखा रहित बैंकिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट कार्ड का आरंभ किया गया है ताकि बिजिनेस करेस्पांडेंट माडल के तहत सुदूर गांव में बैंकिंग सुविधा का लाभ कार्ड धारक प्राप्त कर सके।  सामान्य बैंकिंग व्यवसायिक सुविधा के अलावा बैंक सुविधा रहीत सुदूर क्षेत्रों में एमजीएनआरईजीए के तहत भुगतान और सामाजिक सुरक्षा पेंशन (एसएसपी) को प्राप्त करने में हिताधिकारी को सहायक होता है।  बैंक ने बेल्लारी और चित्रदुर्गा जिलाओं में इलेक्ट्रानिक बेनेफिट अंतरण (ईबीटी) भुगतान के उद्देश्य से स्मार्ट कार्ड जारी कर वित्तीय समावेशन कार्यक्रम में भाग लिया है।
14. भावी योजनाएँ
वर्ष 2011-12 के  दौरान व्यवसाय को वर्तमान ` 77,667 करोड से ` 96,000 करोड तक  वृद्धित करने का प्रस्ताव है जिसमें 23% वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  बैंक  ने वित्तीय वर्ष के  दौरान 90 नयी शाखाओं और 156 अतिरिक्त एटीएम को आरंभ करने की योजना बनायी है।  बैंक  अपने विस्तृत योजना की सहायता के  लिए 1000 कर्मचारियों को नियुक्त करने की प्रक्रिया में लगा है।

हमारा लक्ष्य कर्नाटक  में `पहला विकल्प बैंक ` के  रुप में उभरना है।  युवा और नये ग्राहकों को आकर्षित करते हुए वर्तमान ग्राहकों को भी बनाये रखने पर जोर दिया जाएगा।  सभी ग्राहकों की चाहतों को ध्यान में रखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नई सेवा और उत्पादों को आरंभ कर रहा है।  कर्नाटक  राज्य में हमारा बैंक  सबकी पसंदीदा बैंक  हो, यही हमारा लक्ष्य है।

बेंगलूर                                                                      
दिलीप माविनकुर्वे
30 अप्रैल 2011 प्रबंध निदेशक

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