ग्रामीण क्षेत्रों में एल पी जी कनेक्शन हेतु वित्तीय योजना
| क | उद्देश्य | - छोटे व सीमांत किसान आदि को मजदूरी कमाने एवं अच्छे स्वास्थ्य रखते हेतु पर्याप्त समय उपलब्ध कराने हेतु। |
| ख | सीमा | - नाबार्ड के अनुसार,इकाई लागत रू.3450/- है। एल पी जी संपर्क की लागत में, एल पी जी की जमाराशि,रेग्युलेटर एवं सिलिन्डर की आपूर्ति तथा एकल बर्नर स्टोव का लागत शामिल है। |
| ग | ब्याज | - कृषि सावधि ऋण को लागू। |
| घ | प्रतिभूति | क) एल पी जी घटकों की खरीद हेतु दृष्टिबंधक, ख) बैंक को लागू तीसरी पार्टी गारंटी, |
| च | मार्जिन | - 10% |
| छ | पुनर्भुगतान | - अधिकतम 5 वर्ष, आय के आधार पर |
किरायेदार एवं मौखिक पट्टेदारों को वित्तीयन हेतु योजना
| क | उद्देश्य | - किरायेदारों/ मौखिक पट्टदारों को एवं ऐसे किसान जिनके पास उचित रिकार्ड न हो, उन्हें फसल ऋण प्रदान करना, |
| ख | योग्यता | - किरायेदार/मौखिक पट्टेदार |
| ग | किरायेदार किसानों का समूह बनाना (टी एफ जी) | - योग्य किसान, स्व-सहायता समूह के आधार पर, समूह बना सकते हैं। स्व -सहायता समूह के सभी प्रक्रियाओं का अनुसरण किया जाना चाहिए। |
| घ | बचत एवं किफायत | - समूह, स्व-सहायता समूह की तरह बचत बैंक खाता खोल सकता है। |
| च | ऋण की मात्रा | - समूह द्वारा घुटाये गये किफायती जमा के साथ ऋण संपर्कित है। फसल ऋण, स्वसहायता समूह के सिलासिले में किए अनुसार उनके बचत के अनुसार 1 से 4 गुना तक वितरित किय जाएगा। |
| छ | प्रतिभूति | - अंतर-करार के अलावा कोई प्रतिभूति नहीं। |
| ज | दस्तावेज | - ऋण आवेदन-पत्र,अंतर-करार, एवं स्व-सहायता समूह के अनुसार ऋण करार |
अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति किसानों को वर्षा जल खेती (कृषि)
| क | उद्देश्य | - अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति किसानों में आय-वृद्धि हेतु उनके फार्म भूमि वित्तीयन हेतु योजना, |
| ख | परियोजना लागत | - नाबार्ड द्वारा प्रस्तावित आकार के आधार पर, परियोजना लागत रू.30,000/-, रू.15,000/- एवं रू.12,000/- है। |
| ग | वित्तीयन स्वरुप | - भारत सरकार द्वारा 50% एवं बैंक द्वारा 50%। कोई सीमांत राशि नहीं। |
| घ | पात्रता | - अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के सभी किसानों। |
| च | कार्यान्वयन अवधि | - यह योजना 2004-05 में लागू की गयी एवं 3 वर्ष अर्थात 2006-07 तक लागू रहेगी। |
| छ | आर्थिकी सहायता | - आर्थिक सहायता 05 वर्षों के लिए निश्चित अवरुद्धता अवधि के लिए है। इस पर कोई ब्याज प्रभारित नहीं किया जाएगा। |
| ज | पुनर्भुगतान | - नकद प्रवाह पर आधारित 7-11 वर्ष, 2 वर्ष की रियायत अवधि के साथ। |
| झ | ब्याज | - 12% प्रति वर्ष |
| ट | प्रतिभूति | - कृषि सावधि ऋण के समान |
जत्रोफा वृक्षारोपण वित्तीयन हेतु योजना
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क |
उद्देश्य |
- जत्रोफा जैविक - जलावन के जैसा अभिचिन्हित किया गया है जिसे जैविक कच्चा माल से नवीकृत किया जाता है एवं जीवाश्म जलावन के विकल्प के रूप में स्वीकार किया गया है एवं वातावरण समस्या के समाधान, ऊर्जा प्रतिभूति, आयात में कमी, ग्रामीण रोजगार में वृद्धि एवं कृषिगत अर्थव्यवस्था को बढाने के रूप में मदद करता है। |
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ख |
भूमि की उपयुक्तता |
- ऊसमभूमि जिसमें वर्षा 1000-1500 मि.मी. के बीच होती हो। |
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ग |
इकाई लागत |
- रू.30,800 प्रति हेक्टेयर (ऊसरभूमि में) |
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घ |
मार्जिन |
- 20% |
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च |
ब्याज दर |
- कृषि सावधि ऋण के समान |
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छ |
पुनर्भुगतान |
- कुल 12 वर्ष, 3 वर्षों की रियायत अवधि के साथ |
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ज |
प्रतिभूति |
- रू.50,000/- की सीमा तक के फसल का दृष्टिबंधक |
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झ |
आर्थिक सहायता |
- परियोजना के सफलतापूर्ण समापन पर भारत सरकार द्वारा 30% ऋण संबंधित आर्थिक सहायता |
पचौली की खेती हेतु वित्तीयन योजना
| क | भूमि की उपयुक्तता |
- भूमि में अच्छी अपवाहिका होनी चाहिए। प्रायः आर्द जलवायु में पर्याप्त सूर्यप्रकाश के साथ तापमान 25 से 35 डिग्री से के बीच होता है। एक बार जब वृक्ष रोप दिया जाता है तो वह 3 वर्षों के लिए अच्छी उपज देती है। |
| ख | स्थान एवं पौधे की सं. प्रति एकड | - पारंपरिक सिंचाई विधि हेतु - 30 से. मी., 120 से. मी., 11000 पौधे/एकड |
| ग | इकाई लागत | - पारंपरिक सिंचाई विधि हेतु रू.1,42,355/- एवं ड्रिप सिस्टम सिंचाई हेतु रू.1,89,604/- |
| घ | मार्जिन | - 20% |
| च | पुनर्भुगतान | - 6 महीनों की आरंभिक अवधि के साथ 6 अर्धवार्षिक किस्तों में पुनर्भुगतान |
| छ | ब्याज | - कृषि सावधि ऋण के साथ |
| ज | आर्थिकी सहायता | - राष्ट्रीय उद्यान बोर्ड द्वारा पूंजी लागत पर 20% आर्थिक सहायता उपलब्ध है। |
सामान्य (जनरल) क्रेडिट कार्ड
ग्रामीण व अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में, हमारे ग्राहकों की आवश्यकता को पूरा करने हेतु सामान्य क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की गयी है -
| क | उद्देश्य | - बैंक ग्राहकों को प्रतिभूति उद्देश्य पर बल दिये बिना बाधा रहित ऋण प्रदान करना या ऋण का उपयोग कम करना, |
| ख | पात्रता | - ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी शाखाओं में ऐसे ग्राहकों जिन्होंने पिछले 12 महीनों में जमा/ ऋण खाता का संतोषजनक संचालन किया है। |
| ग | ऋण की प्रमात्रा | - आय-निर्धारण के आधार पर एवं पूर्ण आंतरिक उपकरणों का ऋण प्रवाह - अधिकतम रू.25,000/- |
| घ | प्रतिभूति | - कोई नहीं। |
| च | वैद्यता | - 1 वर्ष, 1 वर्ष के बाद खाताधारक के रिकार्ड को ध्यान में रखकर सीमा को समीक्षित/ संशोधित/ निरस्तीकृत किया जाएगा। |
| छ | अन्य शर्तें | - एक परिवार के लिए 1 कार्ड मात्र। |
स्टेट बैंक ऑफ मैसूर की नजदीकी शाखा या
मुख्य प्रबंधक
स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
कृषि बैंकिंग विभाग
प्रधान कार्यालय, केंपेगौडा मार्ग,
बेंगलूर-560 009, भारत
दूरभाष: 9180 22353901 से 22353909, 22353473 विस्तरण 375,:22353460,
फ्याक्स 9180 22283684
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